हिंदी भाषा और रोजगार के अवसर

लेखक

  • प्रा. डॉ. सुनिल खोत Author
    • Writing – Original Draft Preparation
    • Conceptualization

शोधशब्द:

रोजगार, जनसंचार, भूमंडलीकरण, कार्यालयीन हिंदी, पत्रकारिता, दूतवास

गोषवारा

हिंदी भाषा न केवल भारत की राजभाषा है, बल्कि विश्व की प्रमुख भाषाओं में से एक है। सूचना–प्रौद्योगिकी, मीडिया, व्यवसाय, पर्यटन, शिक्षा, अनुवाद एवं सरकारी सेवाओं में हिंदी का उपयोग निरंतर बढ़ने से रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं। भारतीय फिल्म उद्योग, धारावाहिक, पत्रकारिता, मुद्रित संचार माध्यामों आदि में रोजगार की नई संभावना है। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य हिंदी भाषा के बढ़ते उपयोग, उससे जुड़े करियर विकल्पों, तथा डिजिटल युग में हिंदी की संभावनाओं का विश्लेषण करना है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि हिंदी आधारित नौकरियों में वृद्धि तेज़ी से हो रही है तथा भविष्य में इसकी मांग और व्यापक होगी।

 

लेखकाचे जीवनवृत्त (Biography)

  • प्रा. डॉ. सुनिल खोत

    हिंदी विभाग, श्रीमती मीनलबेन महेता कॉलेज, पांचगणी

संदर्भ

1. डॉ. लक्ष्मीकांत पाण्डेय-प्रयोजनमूलक हिंदी,पृष्ठ-149

2. https://www.jansatta.com/politics/hindi-language-and-

employment/1821871/

3. डॉ. जयन्ती प्रसाद नौटियाल, अनुवाद सिद्धांत एवं व्यवहार, पृष्ठ-48

4. https://gadyagunjan.teachersofbihar.org/hindi-mein-rozgaar-ki- sambhavnayein-ashish-amber/

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प्रकाशित

2025-12-13

अंक

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प्रवर्ग (Categories)

उद्धरणे कशी द्यावीत

हिंदी भाषा और रोजगार के अवसर. (2025). Aethel Research Digest Juncture: An International Journal, 1(1), 41-48. https://ardjij.com/index.php/ardjij/article/view/12